अरे यार वो... वो लड़का तो बहुत बड़ा वाला चेंप है... वो स्ट्रेट बाल वाली बंदी तो बड़ी चालू टाइप है।
किसी को पहली नज़र में देख कर या सुनी सुनाई बातों के आधार पर ये लाइन हम अक्सर बिना
सोचे बोल देते हैं। हम बहुत जल्दी किसी बात पर अपनी राय दे देते हैं, लेकिन कभी यह सोचने की ज़हमत तक नहीं उठाते कि क्या हमारा जजमेंटल रवैया किसी को दुःख पंहुचा सकता है। किसी के बारे में बहुत जल्दी राय बनाने वालों को जब मैं अपने आसपास देखती हूँ तो लगता है कि क्या किसी इंसान की परख इतनी जल्दी संभव है। या यह सिर्फ एक प्रयास होता है किसी को पहचानने का . बात चाहें कुछ भी हो लेकिन मैं दाद देती हूँ ऐसे लोगों की जो सिर्फ शक्ल या कपड़े देखकर लोगों के कैरेक्टर के बारे में 100 बातें कह जाते हैं।
राह चलते किसी के साथ बात करते हुए हम इतने जजमेंटल हो जाते है कि इंसान की असली काबिलियत हमें सालों बाद नज़र आती है। पता नहीं क्यों लेकिन मुझे इस वाक्य पर कतई विश्वास नहीं कि "फर्स्ट इम्प्रेशन इज़ द लास्ट इम्प्रेशन" आप ही सोचिये, आखिर यह कैसे संभव है कि हम 2 मिनट में किसी इंसान को समझ लें कि वो क्या और कैसा है। क्या उसके ब्रांडेड जूते हमें बताते है की वह व्यक्ति कैसा है ? या उसकी हाफ स्लीव्स बताती है की वह लड़की उड़ी हुई है या सभ्य है। इतना ही नहीं हम तो अपने आप को इतना टैलेंटेड समझते है कि लाखों खर्च पर हो रही शादी में खाना के पहले निवाले के संग ही बता देते हैं कि यार, लड़का-लड़की की जोड़ी कुछ जमी नहीं।
वाह !!!क्या बात है। मुझे लगता है शादी भी एक फेसबुक प्रोफाइल की तरह हो गई है जहां लोग आशीर्वाद से
ज़्यादा लाइक-कमेंट देने में यकीन रखते हैं। अगर मेरी बात पर यकीन नहीं होता तो आप अपने आस पास खड़े किसी पर भी यह ट्रिक आजमा कर देख सकते हैं। किसी की व्हाट्सएप- एफबी डीपी दिखाकर पूछिए... भाई बता तो ये लड़की कैसी है? सामने से जो जवाब आएगा वो बताने की ज़रूरत नहीं आप समझ गए होंगे। यह जवाब उसके विचार और संस्कार को बयां करते हैं ना कि उस डीपी में लगी फोटो को। मेरा मानना है कि हम जब किसी को जज करते हैं तो हमारे मन में आने वाले विचार सामने वाले के रूप रेखा या रंग को देख कर नहीं बल्कि उसके व्यवहार के आधार पर होना चाहिए। आराम से सोचिये.. कि क्या आपका किसी व्यक्ति के प्रति बहुत जल्द जजमेंटल होना सही है? या आप थोडा इंतज़ार कर सकते हैं उसके बोलने का कि वह व्यक्ति वाकई कितना सभ्य है ?
सुधा वर्मा

Well written....appriciated.!
ReplyDeleteKeep writing..!
really gud blog...ye logo ki aadat me aa gya hai..
ReplyDeletebahut acchaaaa......
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